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★ MADDEX Media, हिंदी में

हिंदी में परफॉर्मेंस मार्केटिंग एजेंसी

MADDEX Media नोएडा से काम करने वाली परफॉर्मेंस मार्केटिंग एजेंसी है: Meta Ads, Google Ads, SEO और landing page को हम एक ही सिस्टम की तरह चलाते हैं, ताकि हर रुपया किसी गिनी जा सकने वाली बिक्री या lead से जुड़ा रहे।

  • ₹50Cr+ ad spend
  • 32+ ब्रांड
  • 5+ साल
  • बेस: नोएडा

MADDEX Media एक परफॉर्मेंस मार्केटिंग एजेंसी है जो नोएडा से काम करती है। हम D2C ब्रांड, क्लिनिक, रियल एस्टेट, कोचिंग और B2B कंपनियों के लिए Meta Ads, Google Ads, SEO, landing page और वेबसाइट, इन सबको एक साथ संभालते हैं। पिछले 5+ साल में हमने 32+ ब्रांड के लिए ₹50Cr+ का ad spend मैनेज किया है और 12 Shopify केस स्टडी पब्लिश की हैं, जिनमें कुल ₹49Cr+ का tracked revenue दर्ज है। जो आँकड़े यहाँ लिखे हैं, वही डैशबोर्ड के स्क्रीनशॉट में भी दिखते हैं।

ये पेज हिंदी में इसलिए हैं क्योंकि बहुत सारे मालिक अपना कारोबार हिंदी में ही सोचते और समझाते हैं। एजेंसी की बातचीत अक्सर भारी अंग्रेज़ी में होती है, और उसी धुंध में फीस, नतीजे और शर्तें साफ़ नहीं रह जातीं। यहाँ हमने वही बातें सीधी भाषा में लिखी हैं: कौन सा काम कितने समय में असर दिखाता है, किस पर कितना खर्च आता है, और कहाँ नतीजा आपके margin और offer पर टिका है। Meta Ads, ROAS, landing page जैसे शब्द अंग्रेज़ी में ही रखे हैं, क्योंकि इंडस्ट्री में असल में वही बोले जाते हैं।

यह पेज हिन्दी में है. अंग्रेज़ी वर्ज़न: / · दफ़्तर Noida, Uttar Pradesh में है.

हम किन कामों पर फीस लेते हैं

सबसे बड़ा हिस्सा paid acquisition का है: Meta Ads और Google Ads चलाना, उनके लिए creative की कतार बनाए रखना, और जिस पेज पर ट्रैफ़िक उतरता है उसे सुधारना। इन तीनों को तीन अलग लोगों में बाँट देने से नतीजा बिगड़ता है, क्योंकि cost per purchase आधा creative तय करता है और आधा landing page। इसलिए या तो हम तीनों साथ लेते हैं, या शुरू में ही साफ़ बता देते हैं कि कौन सा हिस्सा आपके यहाँ पहले से ठीक चल रहा है और उसे छेड़ने की ज़रूरत नहीं।

दूसरा हिस्सा search का है: तकनीकी SEO, category और product पेज की बनावट, और लोकल कारोबार के लिए Google Business Profile। SEO का पैसा महीनों में लौटता है और ads का हफ़्तों में, इसलिए ज़्यादातर ब्रांड के लिए सही क्रम यह रहता है कि ads से आज की बिक्री निकाली जाए और उसी दौरान SEO खड़ा होता रहे। छह से नौ महीने बाद इसका असर यह दिखता है कि हर ऑर्डर की औसत लागत गिरने लगती है।

तीसरा हिस्सा वेबसाइट और landing page का है। हम Shopify, WordPress और custom, तीनों तरह के सेटअप पर बनाते हैं और पुरानी साइट को ठीक भी करते हैं। कई बार नई साइट बनवाने से ज़्यादा फ़ायदा मौजूदा साइट की speed, ढाँचे और tracking को सुधारने में निकलता है, और खर्च भी काफ़ी कम बैठता है। कौन सा रास्ता सस्ता है, यह हम audit के बाद लिखकर बताते हैं।

  • परफॉर्मेंस मार्केटिंग: पूरे funnel की ज़िम्मेदारी
  • Meta Ads: creative testing के साथ
  • Google Ads: Search, Shopping और Performance Max
  • SEO और लोकल SEO
  • वेबसाइट और landing page

किस तरह के कारोबार के साथ काम बनता है

सबसे अच्छा मेल उन D2C और ecommerce ब्रांड से बैठता है जिनकी बिक्री चल तो रही है पर कई महीनों से एक ही जगह अटकी है। दूसरा मेल उन कारोबारों से है जहाँ एक lead की कीमत बड़ी होती है: रियल एस्टेट, क्लिनिक, कोचिंग और B2B। तीसरी तरह वे लोग हैं जिनके पास पहले से कोई अकाउंट है जिसे किसी सस्ते वेंडर ने उलझा दिया है, और अब किसी को बैठकर उसकी सफ़ाई करनी है।

काम वहाँ नहीं बनता जहाँ media budget बहुत छोटा है। D2C ब्रांड के लिए हम कम से कम ₹1.5L महीने का media budget माँगते हैं, इसलिए नहीं कि हमें बड़ा खाता चाहिए, बल्कि इसलिए कि इससे कम में Meta को हफ़्ते भर में इतने conversion नहीं मिलते कि वह कुछ सीख सके। उस हालत में नतीजे झूठे नहीं होते, बस बहुत धीमे होते हैं, और यह हम पहली कॉल पर ही कह देते हैं।

जो नंबर हम दिखाते हैं, वो कहाँ से आते हैं

साइट पर चार ही आँकड़े बार-बार आते हैं: ₹50Cr+ मैनेज किया गया ad spend, 32+ ब्रांड, 5+ साल का काम, और एक creative पर 8X+ तक पहुँचा हुआ ROAS। इनके साथ 12 Shopify केस स्टडी हैं जिनमें ₹49Cr+ का tracked revenue दिखता है। हर केस स्टडी के साथ डैशबोर्ड का स्क्रीनशॉट है, क्योंकि बिना स्क्रीनशॉट के नंबर लिखना आसान है और उसी वजह से बेकार भी।

8X+ वाला आँकड़ा एक अच्छी हालत का है, औसत का नहीं, और हम उसे औसत बताकर नहीं बेचते। किसी ब्रांड का ROAS उसके margin, price point, offer और बाज़ार पर टिका होता है। 70 प्रतिशत margin वाला ब्रांड 2X पर मुनाफ़े में रहता है, जबकि 30 प्रतिशत margin वाला 3X पर भी घाटे में जा सकता है। इसलिए पहली बैठक में हम आपका break-even ROAS निकालते हैं और उसी के सामने हर campaign को तौलते हैं।

पहले 90 दिन कैसे चलते हैं

पहले हफ़्ते में audit होता है: ad account, analytics, साइट और offer। हम चालीस छोटी-छोटी कमियाँ गिनाने के बजाय सबसे बड़ी अड़चन ढूँढते हैं, क्योंकि आमतौर पर एक ही चीज़ बाकी सब को रोके हुए होती है। दूसरे हफ़्ते में tracking ठीक करते हैं और उसके बाद campaign का ढाँचा दोबारा खड़ा करते हैं। गंदे data के ऊपर कुछ भी स्केल नहीं होता, इसलिए यह क्रम हम बदलते नहीं।

तीसरे से छठे हफ़्ते तक असली काम टेस्टिंग का होता है: creative, audience, landing page और offer। इस दौर का मकसद रिकॉर्ड महीना बनाना नहीं, बल्कि यह पता लगाना है कि कौन सी चीज़ सच में चलती है। सातवें से बारहवें हफ़्ते में बजट उन्हीं संयोजनों के पीछे बढ़ता है, और वह भी छोटे-छोटे कदमों में, ताकि campaign दोबारा learning में न चला जाए और आपकी डिलीवरी भी साथ चल सके।

हर हफ़्ते एक छोटा लिखित रिव्यू आता है: क्या बदला, उससे नंबर पर क्या असर पड़ा, और अगला टेस्ट क्या है। सिर्फ़ dashboard का लिंक भेज देना रिपोर्टिंग नहीं है, क्योंकि उसमें यह कहीं नहीं लिखा होता कि नंबर ऊपर-नीचे क्यों हुआ। महीने में एक बार लंबी बैठक होती है जिसमें अगले महीने की प्राथमिकता तय होती है। अगर किसी हफ़्ते कुछ बड़ा नहीं बदला तो रिव्यू में यही लिखा जाता है, क्योंकि हर हफ़्ते कुछ नया दिखाने का दबाव ही अकाउंट में बेवजह की छेड़छाड़ पैदा करता है।

फीस कितनी है और किस पर निर्भर करती है

पब्लिश की हुई शुरुआती कीमतें ये हैं: एक चैनल का management ₹25,000/महीना से, SEO ₹20,000/महीना से, एक बार का audit ₹15,000 से, landing page ₹25,000 से और वेबसाइट ₹50,000 से। ये शुरुआती आँकड़े हैं, पैकेज नहीं। जिस ब्रांड का महीने का spend ₹3L है और जिसका ₹50L, दोनों पर लगने वाली मेहनत अलग है, इसलिए पक्का नंबर अकाउंट देखने के बाद ही दिया जाता है।

ad spend कभी हमारे खाते से नहीं जाता। आपका कार्ड आपके ही Meta और Google अकाउंट पर लगा रहता है, और उन अकाउंट के मालिक आप रहते हैं, काम के दौरान भी और बाद में भी। हम आपके Business Manager में एक user की तरह जुड़ते हैं। किसी एजेंसी के अपने अकाउंट में आपका ब्रांड चलाना बाद में महँगा पड़ता है, क्योंकि छोड़ते वक़्त data साथ नहीं आता।

हिंदी के बाकी पेज

हर सेवा का अलग पेज हिंदी में है, और उसमें वही बात है जो हम पहली कॉल पर कहते हैं: काम में क्या-क्या शामिल है, कितने दिन लगते हैं, किस चीज़ पर नतीजा टिका है और कहाँ हम कोई वादा नहीं करते। अगर आपको लगता है कि अभी सबसे बड़ी दिक्कत ads की है तो परफॉर्मेंस मार्केटिंग और Meta Ads वाले पेज से शुरू कीजिए।

अगर आपका कारोबार एक ही शहर या एक ही इलाके पर टिका है, जैसे क्लिनिक, जिम, शोरूम या कोचिंग, तो लोकल SEO वाला पेज सबसे काम का रहेगा। अगर साइट पुरानी और धीमी है और ads का पैसा उसी पर बर्बाद हो रहा है, तो वेबसाइट डेवलपमेंट वाला पेज पढ़िए। अंग्रेज़ी में हर पेज का विस्तृत रूप भी मौजूद है, जिसमें केस स्टडी और डैशबोर्ड शामिल हैं।

सवाल-जवाब

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या आप हिंदी में बात और रिपोर्टिंग करते हैं?

हाँ। कॉल, WhatsApp और हफ़्तावार रिव्यू हिंदी में हो सकते हैं। ad account के अंदर के नाम, report के column और dashboard अंग्रेज़ी में ही रहते हैं, क्योंकि Meta और Google का इंटरफ़ेस वैसा ही है और उसे बदलने से बाद में आपकी अपनी टीम को दिक्कत होती है। समझाने की ज़िम्मेदारी हमारी रहती है, इसलिए हर नंबर के साथ यह भी बताया जाता है कि वह क्या कहता है।

आपका ऑफिस कहाँ है और क्या मिलना हो सकता है?

हम नोएडा से काम करते हैं। दिल्ली NCR में आमने-सामने बैठक आसानी से हो जाती है। बाकी भारत और विदेश के क्लाइंट के साथ काम वीडियो कॉल पर चलता है, और सच कहें तो ज़्यादातर engagement इसी तरह चलती है, चाहे क्लाइंट पास हो या दूर। रोज़ की बातचीत WhatsApp पर होती है और बड़े फ़ैसले तय कॉल पर।

शुरुआत के लिए कम से कम कितना बजट रखना चाहिए?

अगर आप ऑनलाइन बेचने वाला D2C ब्रांड हैं तो media budget कम से कम ₹1.5L महीना रखिए, वरना Meta के पास सीखने लायक conversion ही नहीं पहुँचेंगे। एक ही शहर में चलने वाले क्लिनिक, सैलून या कोचिंग के लिए यह ज़रूरत बहुत कम है, क्योंकि वहाँ ज़्यादातर काम Google Business Profile और लोकल search का होता है। management की फीस इसके ऊपर अलग लगती है।

क्या आप किसी तय ROAS की गारंटी देते हैं?

नहीं। ROAS आपके margin, offer, कीमत, बाज़ार और दोबारा खरीदने की दर से बनता है, और इनमें से ज़्यादातर चीज़ें ad account के बाहर बैठती हैं। हम प्रक्रिया, टेस्टिंग की रफ़्तार और नंबर की पूरी पारदर्शिता का वादा करते हैं। जो एजेंसी आपका P&L देखे बिना ROAS की गारंटी दे रही है, वह अनुमान नहीं, सेल्स पिच बेच रही है।

काम बंद करने पर ad account और data किसके पास रहेगा?

आपके पास। हम आपके ही Business Manager और Google Ads अकाउंट में काम करते हैं, जहाँ पूरे समय admin आप रहते हैं। जिस दिन engagement खत्म होगी, अकाउंट, pixel का इतिहास, audience और creative सब आपके पास ही रहेंगे और हमारा access हटा दिया जाएगा। कोई नोटिस पीरियड की लंबी शर्त या डेटा रोकने वाली शर्त हमारे यहाँ नहीं है।

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हिन्दी में और पेज

अपना अकाउंट दिखाइए, पिच नहीं सुनिए

अपने मौजूदा नंबर भेजिए. पहली कॉल में हम बताएँगे कि असली दिक्कत कहाँ है, उसके बाद ही कोई प्रस्ताव.

  • ₹50Cr+ ad spend manage किया
  • 32+ brands
  • अकाउंट का मालिकाना आपका